आज परमेश्वर की ख्वाईश क्या है ?
आज परमेश्वर की जो ख्वाईश है उसको ईश्वर पुत्र अरुण ने निम्न प्रकार से स्वर्णिम अक्षरों में वयान किया है :
(१) पौ फटते ही मैं तुम्हारी सहायता करूँ।
(२) जो अंत समय तक धीरज धरे उसीका मैं उद्धार करूँ।
(३) जिसकी लज्जा की चर्चा सारी पृथ्वी पर फैली है उसकी प्रसंशा और कीर्ति मैं सब जगह फैला दूँ। (more…)

परमेश्वेर की मनसा यह है कि जो लोग अन्त तक धीरज धरे रहेंगे उसी का उद्धार होगा। परमेश्वर जानते हैं कि अधर्म के बढ़ने से बहुत लोगों का प्रेम ठंढा हो जाएगा। इसलिए उन्होंने साफ – साफ लब्जों में कहा कि – “अधर्म के बढ़ने से प्रेम ठंढा हो जाएगा।परन्तु जो धीरज धरे रहेगा उसी का उद्धार होगा।” (धर्मशास्त्र, मत्ती २४ :१३-१४)
क्या आपने सोचा है कि आपके मन में गुस्सा व क्रोध क्यों उत्पन्न होता है ?