मनुष्य मंसाहारी कैसे हो गया ? – ईश्वर पुत्र अरुण

परमेश्वर ने सारी  रचना को रचने के बाद सबसे अंत में मनुष्य को बनाया और उनसे कहा  सुनो –

जितने बीज वाले छोटे – छोटे पेड़ सारी  पृथ्वी  के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं उन सबको तुमको भोजन के लिए दिए हैं। (धर्मशास्त्र, उत्पत्ति १ :२९) इस प्रकार परमेश्वर के कहने पर मनुष्य शाकाहारी भोजन करने लगा।

कुछ समय बीतने के बाद परमेश्वर ने क्या देखा कि सभी मनुष्यों ने अपना – अपना चाल चलन बिगार लिया है।मनुष्य की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है और उनके मन के विचार में जो कुछ उतपन्न होते हैं  वह निरंतर ही बुरा होता है। (more…)

मनुष्य की रचना कैसे हुई, मनुष्य का भोजनरुचि शाकाहारीसे मंसाहारी तक कब, क्यों और कैसे ? – ईश्वर पुत्र अरुण

सृष्टि के आदि में परमेश्वर ने सबसे पहले आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। पृथ्वी बेडोल और सुनसान पड़ी थी और गहरे जल के ऊपर अँधियारा था तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मंडराता था। तब परमेश्वर ने कहा उजियाला हो, तो उजियाला हो गया। परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से अलग किया। परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अन्धियारे को रात कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहला दिन हो गया।

फिर परमेश्वर ने कहा कि जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो की जल दो भाग हो जाय। तब परमेश्वर ने एक अंतर करके उसके निचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग – अलग किया और वैसा ही हो गया। परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया। (more…)

आपके दुःख आनन्द में बदल जाएँगे – ईश्वर पुत्र अरुण

लोग अनेक वादा करते हैं परन्तु वो अपना वादा निभाते नहीं। वे आपको धोखा देते हैं। आपके भाई आपसे झूठ बोलेंगे, आपका रिस्तेदार आपसे झूठ बोलेंगे, आपके पड़ोशी आपसे झूठ बोलेंगे, आपके घर के लोग आप से झूठ बोलेंगे लेकिन परमेश्वर आपसे झूठ कभी नहीं बोलेंगे। उन्होंने कहा कि मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा। संसार के अंत तक मैं तुम्हारे साथ रहूँगा।

सैतान आपके जीवन में सुख को हर लिया है लेकिन ईश्वर आपके दुःख को आनन्द में बदल देंगे। आपके जीवन में आने वाली हर एक रात आशीष में बदल जायेंगे। तेरा परमेश्वर तुमसे प्रेम करता है इसलिए तेरे शाप को आशीष में बदल दिया। (धर्मशास्त्र, व्यवस्थाविवरण २३:५) परमेश्वर देश – देश के लोगों से प्रेम करता है, (more…)