ज्ञान की प्राप्ति होने पर भी आप दुःख क्यों पाते हैं ?

ईश्वर जीव पर कृपा करते हैं किन्तु अज्ञानी जीव उसका दुरूपयोग करते हैं। इसलिए वह दुष्ट बन जाता है। जब ईश्वर के ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में अपना कर जब आप जिंदगी जिएंगे तब उसी वक्त आपको स्थिरता प्राप्त होगी, आपको शांति प्राप्त होगी और आपको आनन्द प्राप्त होगा।
ज्ञान जब तक शब्दात्मक है, तब तक शान्ति नहीं मिलेगी। जब वह ज्ञान क्रियात्मक होगा , जब वह ज्ञान सक्रिय होगा तभी शान्ति मिलेगी, तभी आनन्द मिलेगा, तभी वास्तविक सुख की प्राप्ति होगी । इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वह भगवान को प्राप्त कराने वाले भक्ति भाव के साधनों की क्रियात्मक शिक्षा ग्रहण करे।
इन्हीं साधनों से सर्वात्मा एवं भक्त को अपने आत्मा का दान करने वाले भगवान प्रसन्न होते हैं। (more…)


