परमेश्वर का स्मरण या नाम जप क्यों करें ?

कलियुग अर्थात कलि (सैतान) के शासन काल में परमेश्वर का स्मरण या परमेश्वर के नाम का जप या परमेश्वर के नाम का संकीर्तन ही भव सागर से पार जाने एक मात्र सरल उपाय है। जो फल सत्य युग में ध्यान करने से, त्रेता युग में बड़े – बड़े यज्ञ करने से और द्वापर युग में विधि पूर्वक पूजा करने प्राप्त होता है वही फल कलियुग में केवल परमेश्वर के नाम का जप या परमेश्वर के नाम का संकीर्तन या परमेश्वर का स्मरण करने से प्राप्त होता है। यूं तो चारों युगों में परमेश्वर के नाम का प्रभाव है किन्तु कलियुग में परमेश्वर के नाम का विशेष प्रभाव है। सभी धर्मग्रंथों में इस बात का वर्णन किया गया है। जिस प्रकार आग के बिना दीपक नहीं जलाया जा सकता ठीक उसी प्रकार परमेश्वर का स्मरण या परमेश्वर के नाम का जप या परमेश्वर के नाम का संकीर्तन किए बिना इस कलियुग में भव सागर से पार नहीं किया जा सकता है। परमेश्वर का नाम ही इस कलियुग में भव सागर से पार जाने के लिए सुदृढ़ जहाज है। (more…)



