Monthly Archives - September 2017

लोगों का उद्धार किस नाम से होगा ?

कलियुग में लोगों का उद्धार न तो राम नाम से होगा और न कृष्ण नाम से। द्वापर युग में भगवान कृष्ण पृथ्वी का परित्याग करने से पहले कहे कि – ” आज से सातवें दिन नई द्वारिका पानी में डूब जायगा।जिस क्षण मैं मर्त्य लोक का परित्याग कर दूंगा उसी क्षण इसके सारे मंगल नष्ट हो जायेंगे और थोड़े ही दिनों में पृथवी पर कलियुग का बोलबाला हो जायेगा। जब मैं पृथ्वी का त्याग कर दूँ तब तुम इस पर मत रहना क्योंकि कलियुग में अधिकांश लोगों की रूचि अधर्म में ही होगा।” (श्रीमद भागवतम महा पुराण ११;७:४-५ )

जब अर्जुन गोपियों को लेकर नई द्वारिका छोर कर जारहे थे तब रास्ते में साधारण भील ने गोपियों को लूट लिया और अर्जुन कुछ भी नहीं कर सका। यही अर्जुन महाभारत युद्ध के समय कुरुक्षेत्र के मैदान में बड़े – बड़े वीर योद्धाओं को नष्ट नावूद कर दिया था और सबको पशीना छुड़ा दिया था ; वही अर्जुन आज साधारण भील से गोपियों की रक्षा नहीं कर सका। (more…)

उच्चरित आशीर्वाद की शक्ति

आशीर्वाद “अच्छा होने और ख़ुशी” का एक वयान है जो की दूसरे के लिए कहा जाता है जिसका संबन्द्ध उच्चरित किये गए अच्छे कामनाओं भरी शब्दों को पूरा होना है। परमेश्वर की मूल योजना यह थी कि उनकी सभी रचनाओं और मनुष्यों की उन्नति, शांति और सभी कामनाओं की पूर्ति हो परन्तु परमेश्वर की वह मूल योजना नष्ट हो गई जब संसार में पाप ने प्रवेश किया। वास्तव में आशीर्वाद का वयान परमेश्वर की कामना है जिसका अर्थ है उसके लिए अच्छाई को पुनः स्थापित करना या उसके अच्छाई के लिए घोषणा करना। वह परम आशीर्वाद यह है कि परमेश्वर आपको नया जीवन दिए हैं और उन्होंने आपके सभी गलतियों को माफ किये हैं जो कि ईश्वर पुत्र में विश्वास करने के कारण मिला है। (more…)

आज परमेश्वर की ख्वाईश क्या है ?

आज परमेश्वर की जो ख्वाईश है उसको ईश्वर पुत्र अरुण ने निम्न प्रकार से स्वर्णिम अक्षरों में वयान किया है :

(१) पौ  फटते ही मैं तुम्हारी  सहायता करूँ।

(२) जो अंत समय तक धीरज धरे उसीका मैं उद्धार करूँ।

(३) जिसकी लज्जा की चर्चा सारी  पृथ्वी पर फैली है उसकी प्रसंशा और कीर्ति मैं  सब जगह फैला दूँ। (more…)

आपका उद्धार कैसे होगा ?


मन सत्व, रज और तम गुणों का मिश्रण है। आपका उद्धार तभी हो सकता है जब आप तीनों गुणों का उल्लंघन कर देंगे। यह तब संभव हो सकता है जब आप सूरत शब्द योग के द्वारा कम से कम दसम द्वार को पार कर ऊपर उठें। क्योंकि दसम द्वार को पार करने पर ही Liberation Form Mind की स्थिति प्राप्त होती है। भँवर गुफा को पार कर जाने पर ही Complete Liberation Form Mind – Matter की स्थिति प्राप्त होती है। इसलिए आपका उद्धार तभी हो सकता है जब आप भँवर गुफा को पार कर सत लोक में आइए – ईश्वर पुत्र अरुण