भगवान को क्या चाहिए, आइए ! भजन के माध्यम से सुनें ?
भगवान कल्कि जी का भजन सुनें और उनके चरणों में आश्रय लें। भगवान कल्कि जी के चरणों में आश्रय लेने के लिए नाम दर्ज कराएँ।
ईश्वर कहते हैं कि मैंने तुम्हें हवा दिया इसके लिए मैं तुमसे रूपये नहीं माँगता। अगर यदि मैं हवा ले लूँ तो तुम कितने घड़ी ऑक्सीजन का सिलेंडर लगाकर जीवित रह सकते हो। ईश्वर कहते हैं कि मैंने तुम्हें जल दिया इसके लिए मैं तुमसे रूपये नहीं माँगता। अगर यदि मैं जल ले लूँ तो तुम कितने घड़ी बिना जल के जीवित रह सकते हो। ईश्वर कहते हैं कि मैंने तुम्हें आग दिया इसके लिए मैं तुमसे रूपये नहीं माँगता। अगर यदि मैं आग ले लूँ तो तुम कितने घड़ी बिना आग के जीवित रह सकते हो। यदि तुम मेरी पूजा करोगे तो क्या इसके लिए मैं तुमसे रूपये मागुंगा ? तुम क्यों रूपये का कलेक्सन करते हो ? (more…)
परमेश्वर ने गीता ४:६ में कहा कि – अजन्मा और अविनाशीस्वरुप होते हुए भी तथा समस्त प्राणी का ईश्वर होते हुए भी अपनी प्रकृति को अधीन करके अपनी योग माया से प्रकट हूँ। प्रश्न यह उठता है कि आखिर अवतार क्यों लेते हैं ? अवतार लेने के कई कारण हैं –
हे परमेश्वर के अस्तित्व में विश्वास करने वाले लोगों ! जो परमेश्वर के साथ मेल कर लेता है, उसको हमेशा सुख की प्राप्ति होती है और जिसके हृदय में परमेश्वर बसता है वह जीवित ही मुक्ति को प्राप्त कर लेता है। परमेश्वर के शरणागत को कोई भी कष्ट नहीं होता है, उसको ताती हवा तक नहीं लगती, उसकी कृपा से दुःख नष्ट हो जाते हैं, रोग दूर हो जाते हैं और तृष्णा की अग्नि बुझ जाती है।